ठुम्रार साहित्यिक बखेरीके ११०औं श्रृंखला अघन २७ गते सनिच्चरके रोज ‘जुम’ प्रविधिमार्फत् हुइल बा ।
काठमाडौं, कीर्तिपुर, पाँगास्थित बरघर रेस्टुरेन्टमे हुइटि आइल ठुम्रार साहित्यिक बखेरी अप्कि ‘जुम’ प्रविधिमार्फत् हुइलक हो ।
साहित्यकार गणेश वर्तमान सहजिकरन करल कार्यक्रममे कवि डा कृष्णराज सर्वहारी, भुमिका थारु, प्रकृति पुजा, एन्जल कुश्मी, चन्द्रमणि महतो, श्याम गोइजियार, मोति रत्नल, गणेश वर्तमानलगायत स्रस्टालोग रचना वाचन कर्ले रहिट ।
कार्यक्रममे सन्तोष दहित अपन सम्पादन कैटि रहल थारु भासक् लौव अग्रासन साप्ताहिकमे कहु नै छापल ताजा रचना पठैलेसे पारिश्रमिकके फेन बेवस्था रहल जनैलाँ । विडम्वना अपन थारु भासम् लिखुइयन हेरैटि बटाँ कना हुँकार कहाइ रहिन् । डा राम बहादुर चौधरी थारु भासाके बोलाइ, लेखाइमे नेपालिकरनके प्रभाव बह्रटि गइलमे सजग हुइ पर्ना अर्जि कर्ला । गोरखापत्र जुम्ली भासाके पृस्ठ संयोजक जगत बशिष्ठ ठुम्रार साहित्यिक बखेरी अपनहे थारु भासा सिख्ना मजा मौका डेहलमे आभार जनैलाँ ।
ओस्टक कार्यक्रममे शेखर दहित बिष्णु थप्नौह्वा, शत्रुघन चौधरी, राजेश सरदार, सिताराम थारु, छविलाल कोपिलालगायत स्रस्टालोग सल्लाह, सुझाव डेले रहिट ।
उ अवसरमे ठुम्रार साहित्यिक बखेरीके संयोजक डा कृष्णराज सर्वहारी दसौ थारु साहित्य राष्ट्रिय सम्मेलन अइना माघ १५ से १७ गतेसम पर्सा जिल्लाके सुगौली पटेर्वा गाउँपालिका–२, बेलवा गाउँमे हुइटि रहल जनैटि सक्हुन सहभागिताके लग अर्जि कर्ला ।
प्रकाशित:
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२९ मंसिर २०८२
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