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डफ रे डफ, मै टुहि जानुँ 

डफेक गिटके बिच बिचमा टुक्काके रुपमा गैना पहपट गिट बहुट चटकार मान जाइठ । उहेमारे पहपट किहिन डफेक चट्नि, सोंग के रुपमा लैजाइठ ।
डफ रे डफ, मै टुहि जानुँ 

–श्याम बहादुर थारु

 

१.ओरुवा टरौनि

पस्चिमा थारुनके मेरमेरिक लोकगिट मसे ‘डफेक गिट’ एक हो । कुवाँर कार्टिक महिना ओरसे सुरु होके फागुन, चैट सम डफेक गिट गा जाइठ । डफ ओ मन्ड्रा बजैटि गैना हुइलक ओरसे यि गिटके नामाकरन डफेक गिट हुइल हो । डफ ओ मन्ड्रक् मन लोभ लग्टिक बोलसे सुटल मनैन् उठाडेहठ । 
डफेक गिट फेन मेरमेरिक बा, जेमनासे लाल्ला, ढमार, चाँचर, होरि किहिन प्रमुख रुपमा लेजाइठ । महिना अनुसार यि गिटके भाखा, बाजाके टार (टाल) मा फेन परिवर्टन हुीयट जाइठ । कुँवार कार्टिक ओर लाल्ला सुहावन लागठ कलेसे अगहन ओर ढमार सोहाइठ । ढमार गाके ओराइट वेला चाँचर गाजाइठ । होरि (होलि) टेउहारेम होरि डफ गिट गा जाइठ । मनो एक पाछे डोसर गिट गाइक परना कनो जरुरि नाइ रहठ, का करे कि डुइ मेरिक गिट अक्कै डिन गाइ सेक्जाइठ । 

टरटिउहार मनाइवेर हो या खेटिपाटिक काम करेवेर डफेक गिट गैना चलन बा । मकै टुुरके सेकके डिहुवा जोटेवेर, ढान काटेवेर, डौरि डाँइवेर, खेरन्वा बसेवेर हो वा होरि, अगहन जैसिन चाडपर्वमे यि गिट गाजाइठ । विसेस कैके अगहनमा डुल्हि लेहे गैल वेला डुल्हा पच्छ ओ डुल्हि पच्छ विच डफेक गिटके माढ्यामसे घमासन जुजिक जुझ्झा चले कहना पुर्खनके कहाइ बा ।

डफेक गिट सुरु कर्ना बरा सजिल रहठ, काजे कि एकठो मन्ड्रा ओ डफ हुइलेसे हो जाइठ । प्राय वैठके गैना यि गिट डुुइु समुहमा विभाजन हुके, एक पच्छक उठाइल गिट डोसर पच्छ लेठै । अस्टेके डुइ पच्छ बिच गिट उठैना पालिक पाला चलठ । पाला साटेवेर, ढरान बडलेबेर बिचमे चट्निक् रुपमा ‘पहपट’ गैना चलन बा । पहपट गाइवेर गिट गउइयन् नच्ना, कुड्ना कैके जोस्साके डफ नचैठंै, जिहिनसे गिट गउइयन उर्जा ठप्ना काम हुइठ ।
पुरुस ओ महिला सवजे गैना हुइलेसे फे, ज्याडा भाग डफेक गिट पुरुस हुक्रे गैना प्रचलन बा । यि गिटमे ढेरजैसिन नारिनके वेडना, नारिनके अवाज ओ पुरान ढार्मिक घटना किहिन गिटके रुपमा प्रस्टुट कैल बा । गिटके सुरुवाटमा गैना टुक्का किहिन ‘टेक’ कहजाइठ । यकर पाछे उठैना टुक्का किहिन ‘उलार’ या ‘अँखरा’ कहजाइठ । प्रट्येक अँखरा पाछे टेक किहिन डोहर्‍या जाइठ । जस्टेः
    

    टेकः    फुला फुलिगै अनेक, अमरिट फुलुवा अनार सोहै हो । २
    उलारः कौने फुला फुलै लाल गुलाब, कौने फुलै छेटनार ।
    कौने फुला मोर डेवाइ वास सुवास, अमरिट फुलुवा अनार सोहै हो ।।
    फुला फुलिगै अनेक...
    मखमल फुला फुलै लाल गुलाब, गेंडा फुलै छेटनार ।
    डौना ओ बेबरि डेवाइ वास सुवास, अमरिट फुलुवा अनार सोहै हो ।। 
     फुला फुलिगै अनेक...

प्राय प्रस्न उट्टर सैलिमा रहल यि गिटमा अपनहि प्रस्न करके अपनहि उट्टर डेजाइठ । पहिलेक अँखरामा प्रस्न करल रहठ कलेसे डोसर अँखरामा उट्टर डेहल रहठ । जस्टेः

टेकः    खुंझरु खुंझरु नुइया बोलै रे डैया, अव कैसे निकरुँ अँगनवा हो ।२
उलारः के टोरे काह्रल सुटहि ओ गोँयजि, के टोरे बिनल पनटोपनि ।
के टोरे बिनै मौनि डेलरिया, कौने चलै ससुरारे हो ।।
खुंझरु खुंझरु नुइया...
मैया मोरे काँह्रै सुटहि ओ गोँयजि, भउजि मोरे बिनै पनटोपनि ।
काकि मोरे बिनै मौनि डेलिया रे, ढियरि चलै ससुरारे हो ।।
खुंझरु खुंझरु नुइया...

२.डफेक गिटके प्रकार 
छोटसे बरटक थारु–मेहरारुनके बरा पुरानसे गीयट अइलेक यि गिटमा समाजके मेरमेरिक विसयवस्टु समेटल रहठ । सामाजिक परिवेस, प्राकृटिक सुन्डरटा, ऐटिहासिक घटना, ढार्मिक घटना जैसिन विसयवस्टु किहिन गिटके माढ्यमसे प्रस्टुट हुीयट आइल बा । डफेक गिट समय (महिना) अनुसार बडलटि जाइठ, जेमना गिटके ढुन लय फरक फरक रठिस । ओस्टेके कोनो गिटमे विरहाक् वारेम चर्चा कैगिल बा कलेसे कोनोमा हाँसि मजाक समेट रहठ । यकर आढारमा डफेक गिटके प्रकार प्रमुख रुपमा निम्नानुसार बा ।

२.१ लल्ला गिट
डफेक गिटके सुरुवाटमा गैना गिट जो लल्ला हो । लम्मा राग रहल टेज बोलिसे लल्ला गा जाइठ । कुँवार कार्टिक महिना ओरसे सुरु कैना यि गिटके प्रटयेक अँखरामा लल्ला सब्ड आइलेक ओरसे यकर नाउँ लल्ला परल कहना विस्वास बा ।

२.१.१ सुमरौटि
थारु जाटि हरेक सुभ कार्य सुरु करेवेर अपन डेउटन सुमेरके छाकि बुँडा डेहना चलन चल्टि अइलक ओरसे डफेक गिट सुरु करे वेर फेन यि कार्य कैजाइठ । लल्ला गिटके भिट्टर फेन मेरमेरिक गिट बा, जेमनासे सुमरौटि पहिला गिट हो ।

टेकः    ढुमरु ढुमरु बोलै मंडरा रे डैया, नाच्यो सडासिव हरे डगरा ।२
उलारः उठो हरि लल्ला रे, पहिले मै सुमिरहँु सरसटि आपन हो, टव सुमिरौं कलिमारि डैया ।
काँस ढाक रस डेहो, हृडय लागो हमार, कन्ठे वैठो हमार, टव रह्यो डाहिन ।।
ढुमरु ढुमरु बोलै....
उठो हरि लल्ला रे, डोसरे मै सुमिरहँु भुइया भुँइहारिन हो, टव सुमिरौं जगनाठी डैया ।
डहिने रह्यो डेवाल ।
ढुमरु ढुमरु बोलै...

२.१.२ फुलवार
लल्ला गिटमसे फुलवार फेन एक हो, जेकर अंस टरे प्रस्टुट कैगिल बा ।
टेकः    बारु फुला पिया रोपि गए रे डैया, बारु फुला पिया रोपि गए ।२
उलारः उठो हरि लल्ला रे, अरे सिरहेटो ढरै मालिन सुढरन डेलवा हो ।
    अरे जाइ पुग्नै फुलवारे डैया, बारु फुला पिया रोपि गए हो ।
    बारु फुला...
    उठो हरि लल्ला रे, फुलरिया घुमि घुमि हेरै मोर मालिन हो ।
कोइ पापि डेहनै सरापि डैया, फुलरिया मोर उकठि गैनै हो ।
बारु फूला पिया......    

२.२ ढमार गिट
ढमार गिट, डफेक गिटके सबसे महटवपुर्न गिट हो । ढमार गिट भिट्टर फेन फरक फरक नामके गिट बा, जेकर बारेम संछिप्ट जानकारि टरे कैगिल बा । 
२.२.१ साढारन ढमार
सामाजिक रहनसहन, मैया प्रेम, संयोग वियोग जैसिन गिट सामान्य ढमार अन्टरगट परठ । जस्टे कि अपन गोस्यासे डुर हुइल वेला गैना विछोरके गिटः
टेकः    पिया विछुरै रे, पिया बिलमै परडेस हमार ।
अभिरंग होलि मै कैसे खेलम ।।
उलारः जौं मइ जनटुँ रे पिया चलिजैहि, खोजटु मै डेस वंगाले ।
पिअवाके साठे सटिन होइजंैटुँ, पुरबि जलम फेर पैटुँ ।।
पिया विछुरै रे...
ओस्टेके, डोसर उडाहरन
 टेकः     मै बवारि मोर टन बवारि, डेखो आज पिया बिना मै बवारि ।२
उलारः उरटा गुलाब लाल भैनै बाडर, सरजे मुलुक ओजियार ।
भुँख पियास निंड नाहि आवइ, अग्नि जलावट टन बवारि ।।
डेखो आज पिया विना...
जौने डिन अइनै साटो पंच रे, जौने डिन अइनै ठकाइ ।
जौने डिन पिया मोर गैनै विडेस, साँचिन लैगइ उठाइ ।।
डेखो आज पिया विना...

२.३ बिहग्रा
हुरडुंगुवा गिटमा अटि लोकप्रिया रहल बिहग्रा गिट ढमारमा फेन ओटनै मिठास ओ चट्कार मानजाइठ, जेकर छोट अंस टरे प्रस्टुट कैगिल बा ।
टेकः    खेलि लेबुँ डिन चारे नैहरुवा मै खेलि लेबुँ डिन चारे ।२
उलारः पिहले गवना आवइ टिन जाने हो, नौवा ब्राह्मन ठाकुर ।
पैया मैं लाग्यौं गाउँके ठकुरुवाक, अवकि लगन डेहो टारे ।।
खेलि लेबुँ डिन चारे...
डोसरे गवना आवइ ससुरा हमारे अव जाइ कहावइ लजाउ ।
पैया मैं लाग्यौं अपने ससुरुवक, अवकि लगन डेहो टारे ।।
खेलि लेबुँ डिन चारे...

२.४ बठुवाक जोर्नि
डफेक गिटमा सिपार बठुवा नामके मनैयाक जोरल गिट किहिन बठुवाक जोर्नि कहजाइठ । 
टेकः    बाठे है नाउ जाडि, डेसवा रहव छाँइ ।२
उलारः अरिया विटोरे बरिया विटोरे, और बिटोरे ब्राहमन  ।
बैठि ब्राह्मन बेड विचारे, लगन डेहो वटाइ, डेसवा रहव छाँइ ।।
बाठे है नाउ ....

२.५ कन्हैयाक झगरा
कान्हाके लिलामे आढारिट ढमार गिट ‘कन्हैयक झगरा’ नाउँसे परिचिट बा ।
टेकः    लाज लेहो बिर्जा हमसे टु कान्हा ।२
उलारः साट सखिया मिलि गिलमट करैं, चलो जाइ सगरा लहाइ ।
चिर छोरि राढा ढिक ढरि डेवइ, जमुनामा करे असनाने ।।
लाज लेहो बिर्जा...
केहुरिसे आवइ बारु कन्हैया, लुकटि छिपटि चलि आवइ ।
सवहे चिर लैगै उठाइ, ढारे कडम कइ पेंर ।।
लाज लेहो बिर्जा.....

२.६ राम बनवास
राम अपन राजकाज छोरके बनवास जाइवेरिक प्रसंगमा गाइल ढमार गिट राम वनबास हो, जेकर अंस टरे प्रस्टुट कैगिल बा । 
टेकः    उनका डिल कोइ डेउ समुझाइ, वनका चलै डुनु भाइ हो ।२
उलारः रठहे साज प्रभु वनका सुढावाँइ, डुख भइनै माटा पिटाकै रे ।
जबसे रठ नयन ओटि भैनै, किहिका पठैबुँ हाल ललना ।।
उनका डिल कोइ ...

२.७ सिटा हरन
हिन्डु ढर्म ग्रन्ठ रमायनमा जव रावन सिटा माटा किहिन हारके लैजाइ वेर ओ लंका युद्ध के विसय वस्टु समेटल गिट सिटा हरन हो । जस्टेः
टेकः    सैया वन छोरि चलो निरमोहि ।२
उलारः एक टोरे सिटा अंगकै पाटिर, डोसरे गरभकै भारि हो ।
ढिरेसे चलो लछमन डेउरा, हमहु चलव सँग साठ हो ।
टेकः    रानि सिटा रानि सिटा जो होटि पन्ठुलाल, कव मिलै रघुविरानन्ड से ।२
उलारः कहैं मन्डोडरि सुनो राजा रावन, सिटा डारो पठाइ ।
रावन मारि सिटा अगवाइहैं, अव ना बचावै रे कोइ ।

२.८ सुडामा–कृस्ना मित्रटा
सुडामा ओ भगवान सिरिकृस्न बिचके घनिष्ट सम्वन्ढके बारेम गैना ढमार के अंस टरे उल्लेख कैगिल बा । जस्टेः
टेकः    सुडामा मन्डिल डेखि डरावैं ।२
उलारःएक रहै राम मरैया, कंचन खम्बा गरे ।
    एक रहै मोरे टुल्सि विरुवा, जेंहिटर भोग जले ।।
    गज भर कपरा सुडामा कवो ना पहिरे, हाँठि न झुल परे ।
    बुन्डभर टेल सुडामा कवो ना बारे, लाखन डिप जले ।।

३. चाँचर गिट
डफेक गिट मढ्ये चाँचर गिट फेन एक हो । चाँचर गिट प्राय ढमार गाके सेकल समयमा गैना गिट हो । लम्मा साँस (स्वर) टानके गाइक पर्ना हुइलक ओरसे और गिटके टुलनामा कर्रा मानजाइठ । चाँचर गिटके एक टुक्का प्रस्टुट कैगिल बा ।
टेकः    मैया रे खटपटे रे नयन मटवाला रे, सैंया निरमैया खटपटे ।२
उलारः अगिया लागल डुर डेस चाँचरे चाँचरे, जरिजावै डौना मेरौना ।
ओजरिया बाबा डोलिया फँडायो, डुरु डेस हे ससुरारे ।।
डस सखि आगे डस सखि पाछे, वैठे कडारे ।
कडम जुर छंहिया, सैया निरमैया ।।

४. होरिक गिट
होरिक गिट ढमार अन्टर्गटे परठ, टर होरिक गिट किहिन विसेस कैके होलि पर्वमा गैना हुइलक ओरसे यि गिटके छुट्टे महट्वा बा । घर घर होेरि खेल्टि मलार स्वरसे गैना यि गिट वरा सुहावन लागठ । जस्टेः
    टेकः    होरि मघहि गइ लागै बहुट डिन ।२
    उलारः के टोरे पालै रे सुगना परेउना, के टोरे पालै रे ।
    के टोरे पालै गलहार मैना, होरि मघहि गइ लागै बहुट डिन ।।
    सासु मोरे पालै रे सुगना परेउना, सासु मोरे पालै रे ।
   डेवर मोरे पालै गलहार मैना, होरि मघहि गइ लागै बहुट डिन ।।

५. पहपट
डफेक गिटके बिच बिचमा टुक्काके रुपमा गैना पहपट गिट बहुट चटकार मान जाइठ । उहेमारे पहपट किहिन डफेक चट्नि, सोंग के रुपमा लैजाइठ । डफ उलर उलर, छटक छटक नच्टि गैना यि गिट पाला साँटेवेर ओ ढरान बडलेवेर गा जाइठ । मंडरा ओ गिटके ढुन पुरै फरक हुइल पहपट गायक ओ स्रोटा हुकन पुनर्टाजगि कैनामे सहयोग करठ । जस्टेः
टेकः    सेम सुनडरिया रानि, सेम पियारिया रानि ।२
उलारः केकर बकुलिया उबरि कुबरि, केकर बकुलियक टुटल टाँग ।
केकर बकुलिया सेम पियारिया, पिटरि मेँराइल ठोँर रे ।        
सेम सुनडरिया...
सासुक बकुलिया उबरि कुबरि, सैंयक बकुलियक टुटल टाँग ।
डेउरक बकुलिया सेम पियारिया, पिटरि मेँराइल ठोँर रे ।        
सेम सुनडरिया...

६. ओरौनि
थारु लोक गिटमसे डफेक गिट लोकप्रिय विढा हो । सडियौैसे लोक अभ्यासमा रलक डफेक गिट जाटिय ओ साँस्कृटिक पहिचानके आढार हो । यि गिटमा समाजके सुख–डुख, मैया–प्रेम, संयोग–वियोग, ऐटिहासिक घटना, ढार्मिक प्रसंग साठे जिवनके भोगाइ समेटल रहठ । आजकालके पिंढिमा लोकगिट प्रटिके रुचि हेरैटि जाइटा । थारुनके गहनारुपि परम्परागट लोक नाच–गिट किहिन लवा आढुनिक नाच–गिट प्रटिस्ठापन करटि जाइटा । उचिट वाटावरनके अभावमा पुरान पुस्टा फेन ढिरे ढिरे विस्रैटि जाइटा । पुरान गिट–बाँस मुखग्रे गैना हुइलक ओरसे यि गिटके लिखट बहुट कम बा । यि कारनसे लोपोन्मुख अवस्ठामा पुगल डफ गिटके संरच्छन सम्बर्ढन हुइना जरुरि बा ।

ठाकुरबाबा न.पा. ५, शाहीपुर, बर्दिया 

लेखक शिक्षण पेशामे आवद्ध बटाँ ।
साभारः बिहान

प्रकाशित:

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टीकापुर घटना राज्यसत्ताले चलाखीपूर्ण रूपमा घटाएको घटना होः मोहना अन्सारी
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