बारबर्दिया १० सेमरहवा निवासी शिक्षक, कवि मोति कुमार चौधरीक लौव थारु भासक कविता संग्रह ‘जगमोहनी स्मृति’ कविता संग्रहके घुर्घुट खोलाइ हुइल बा ।
कार्यक्रमके बर्का पहुनी बेलायती नागरिक डा रुथ मास्डेनसहित स्थानीय बुद्धिजीवी, समाजसेवी, गाउँक बरघर, स्थानियबासी तथा वेपत्ता योद्धा सगुनलाल चौधरीक परिवारजनस. संयुक्त रुपमे कविता संग्रहके घुर्घुट खोलाइ हुइलक हो ।
घुर्घुट खोलाइ कार्यक्रम कार्तिक २० गते बर्दियाके बारबर्दिया–१० सेमरहवास्थित जगमोहनी चौधरीक लगिलक पिप्रा ओ बरगडोक चौतारी रलक स्थानमे कैगइल रहे । यम्ने जगमोहनीम ‘सर्मपन’, ‘संविधानक रक्षाकरी’, ‘दुखी दायीक जीवन’, ‘संविधान’, ‘वेपत्ता योद्धा’, ‘गणतन्त्र’, ‘संकटकाल’, ‘जन्मभूमि’, ‘गुरुक जीवन’ ओ ‘विर योद्धा’ कैख १० ठो कविता समोटल बा ।
इ कृति वेपत्ता योद्धा सगुनलाल चौधरी ओ उहाँक गोसिन्या जगमोहनी चौधरीक सम्झनाम तयार कैगिलक हो । थारु भासक पहिला पत्रिका गोचालीक सस्थापक सगुनलाल २०५८ साल पुस १२ गते तत्कालीन राज्य प्रशासनसे वेपत्ता पार गइल रहिट ।
‘जगमोहनी स्मृति’ मोति कुमार चौधरीक टिसर कृति हो । इहिसे आघे उहाँक ‘सगुन स्मृति’ (२०६६) कविता संग्रह व ‘थारु मग्गर गुनी’ सम्पादन करल पोस्टा प्रकाशित बटिन ।
कार्यक्रममे कुम्भर अड्डा वेपत्ता योद्धा स्मृति पार्क व्यवस्थापन समितिक अध्यक्ष निरञ्जन कुमार चौधरी, महासचिव टिकाराम परियारलगायत बोलुइयन थारु भासा ओ साहित्यमे मोति कुमार चौधरीक नेंगल डग्गर सहि रलह बटोइल । संग्रह ‘जगमोहनी स्मृति’ पोस्टा डा रुथ मास्डेनक सहयोगम प्रकाशित कैगिलक हो । पोस्टाके मोल ५० रुप्या बा ।
प्रकाशित:
२६६ दिन अगाडि
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२२ कात्तिक २०८२
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१३ साउन २०८३
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३ साउन २०८३
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२ साउन २०८३
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१ साउन २०८३
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२५ असोज २०७९
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१२ भदौ २०७९
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२६ असोज २०७९
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२७ मंसिर २०७९