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भजुमनराम महतोके ‘कवितामाला दिउवा’ विमोचन 

भजुमनराम महतोके ‘कवितामाला दिउवा’ विमोचन 

चितवन । कवि भजुमनराम महतोके थारू भासाके कविता सँग्रह ‘कवितामाला दिउवा’ के विमोचन कार्तिक १० गते चितवनके भरतपुरस्थित नारायणी नमुना माध्यमिक विद्यालयके सभाकक्षमे हुइल बा । 

थारू लेखक संघ नेपाल, चितवन शाखाके आयोजनामे हुइल कार्यक्रमके बर्का पहुना थारू लेखक संघ नेपालके केन्द्रीय अध्यक्ष, नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठानके प्राज्ञ सभा सदस्य डा कृष्णराज सर्वहारी कहलाँ, ‘भजुमनजिके कविता माला दिउवा’ थारू भासाके कविताके महत्वपूर्ण दस्तावेज हो । चितवनमे थारु साहित्यिक गतिविधि कम हुइल अवस्था बा । ऐसिनमे अब्बे थारू साहित्यके विकासके लग थारू लेखक संघ नेपाल, चितवन शाखा गठन कइना फोहिक बाट हो । शाखाके ओरसे भजमन जइसिन साहित्यमे लग्ढार लागल स्रष्टाके पोस्टाके प्रकाशन ओ घुर्घुट खोल्ना कार्यक्रम सरहानिय बा । उहाँसे युवालोग सिख्खा लेहक चाहि ।’ उहाँ चितवनिया थारु भासामे प्रावि तहमे पोस्टा लागु करक अर्जि कर्लां । 

‘कवितामाला दिउवा’ थारू भासाके आधुनिक कवितामे एकठो साहित्यिक मोडके रूपमे आइल कहटि पोस्टाके समिक्षाके क्रममे डा सञ्जय महतो कहलाँ— ‘भजुमनराम महतोके कवितामे आत्मिक अभिव्यक्तिके सँगसँगे समाज ओ समयके स्वर मिलल बा  । कविताके माध्यमसे इ थारू समाजके अन्तरआवाज हो । यम्ने थारू चेलीके पीडा, वेदना, आत्मबल ओ असमानता विरुद्धको मौन प्रतिवाद बा ।’

डोसर समीक्षक बाबुराम पाण्डे कहलाँ— ‘इ पोस्टाके कविताके भासिक बनावट लिरौसि रलेसे फेन यकर भावनात्मक गहिराइ बहुट सबल बा । इ पोस्टा लेखनमे अइना लावा पुस्ता स्रष्टाहे प्रेरणा डि ।’

भरतपुर महानगर प्रज्ञा प्रतिष्ठानके उपकुलपति इन्द्रप्रसाद रेग्मी थारू भासाके संरक्षण ओ साहित्यिक विकासके लग प्रतिष्ठान सहयोग कइना तयार रलक जनैटि कहलाँ— ‘स्थानीय भासाके साहित्य विकासले राष्ट्रिय साहित्यको सौन्दर्य बह्राइठ, कवितामाला दिउवा हस कृति देशको भाषिक विविधताहे उजागर करठ ।’

अग्रज थारू लेखक लक्ष्मण प्रसाद चौधरी थारु पहिचानके नाउँ बछुलीहे बछौली, करहियाहे करैया बिगारके अनर्थ कैटि रहलमे थारु स्रष्टालोग लेखनमार्फत् आवाज उठाइ पर्नामे जोर डेलाँ । कार्यक्रममे साहित्यकार धनराज गिरी थारु समुदायके संगतसे अपनहे धनराज चौधरीहस लग्ना कहटि थारु भासामे छन्द कविता सुनैलाँ ।

भरतपुर–२२ वडाध्यक्ष विष्णुराज महतो चितवनमे गैंडा, बाघहे कइसिक जोगैना कना अभियान चलल बा, मने यहाँक् संकटमे रहल थारु लगायत भासा जोगैना चासो कम रहलमे दुःखमनाउ कर्ला ।

कार्यक्रममे साहित्यकार रवि किरण निर्जीव, समालोचक डिआर पोखरेल, थारू कल्याणकारिणी सभा चितवनके सभापति ललित चौधरी, थाकस चितवनके कोषाध्यक्ष सविता चौधरी लगायत बोलुइयन ‘कवितामाला दिउवा’ थारू समाजके आत्मपहिचानसँगे जोरल ऐतिहासिक दस्तावेजके रूपमे रहल ढारना रख्लाँ ।

                                                                       भजुमनराम महतोके दिवंगत गोसिन्या लछुमिनिया महतोके तस्विरमे माल्यार्पण कैटि सहभागीलोग

कविता संग्रह ‘कवितामाला दिउवा’ कवि भजुमनराम महतो आपन दिवंगत गोसिन्या लछुमिनिया महतोके पाँचौँ पुण्य तिथिके स्मृतिमे नन्लक हुइट । गोसिन्या बिटल पाछे उहाँ प्रत्येक बरस लग्ढार पोस्टा निकरटि बटाँ । पोस्टामे रहल अपन गोसिन्यक सम्झनामे लिखल ‘कसके सम्झाउँ मोइ यापन मन’ सिर्सकके कविता सुनाके भजमन कार्यक्रमहे भावविह्वल बनैले रहिट । 

थारू लेखक संघ नेपाल, चितवनके अध्यक्ष चन्द्रमणि महतोके घरगोस्याइमे हुइल कार्यक्रममे संघके उपाध्यक्ष डाक्टर राउत स्वागत मन्तव्य ओ कार्यक्रम सञ्चालन कार्यसमिति सदस्य मनोज चौधरी कैले रहिंट । 


 

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