Above News Title

लावा बरसके पहिला बिहान

सहरके भीडमे  आज हेरा गइल इ ठरवा
लावा बरसके पहिला बिहान


लावा बरसके पहिला बिहान,
सहर निंनसे ढिल उठल

सहरिया बनल 
मैं फेन ढिल उठ्लुँ
काजेकि 
गइलक राट महा अबेरसम
पुरान बरसहे
संघरयिनसँगे विडाइ कर्ले रहुँ । 
...
पठ्रिमेसे सम्झे लग्लु गाउँ
भिन्सहरि उठ्ना उ बान,
डिह्वा खेटवाओर जैना
सिट्टर बयालमे जिउ लल्चैना 
माटिक सुवास मिलल्
गाउँक् आपन सुगन्ध 
सहरमे टे दुर्गन्धे दुर्गन्ध ।

लावा बरसमे
सहरके सडकेम् बत्ती झिलिर मिलिर बा
टवाटिक ओज्रारमे ठमेल राटभर नैसुटल
मने मोर भिट्रि आकासमे 
गाउँक् अन्ढरिया ओज्रार होके
जुगुर जुगर बर्टि बा । 

इ सहर महि नाउँ डेहल
सास फेरे नै सेक्ना मेरिक काम डेहल 
मने अछोरल बुडु बाबक् जोरल खेटवा डिह्वा
अछोरल डाइक पिह्वा
छोटेम डाइ हाँठ पकरके नेंगाइल डगर
लह्रिया मचियाके नेंगल उ डगर
कट्रा मिठास रहे
गोरु भैंसिन्के उराइल उ ढुर
सहरमे टे आँख परपरैना
खाइ परटा ढुर । 

मोर आँखिम अभिन फेन 
बसेरा लेले बा ढुरहेरिक ओजरिया राट, 
डफ, मन्ड्रा ओ ढमारके बुडुक राग 
धान, गोहुँ सहेरि बेरिक गरल लरवा
लसर लसर बोक्लक भरवा
मने सहरके भीडमे 
आज हेरा गइल इ ठरवा

गाउँमे मै डाइक्
मझला डुलारु छावा रहुँ
बाबक् अस्रक डिया रहुँ
गोचालिन्के हाँसिक बिया रहुँ
आज उ हाँसिक बिया हेरा गइल बा
हाँसि इ सहर लिल लेले बा ।

गाउँमे परपुजैया कैना ठन्वा रहे
यहाँ सिर्मिन्टके बन्वा बा
हरेर भरेर खेटवा डिह्वाले
मन हरेर होए
यहाँ टे सपना फेन बरा महँगा बा
नेटन ठेन सोनेसोन
जुहैना कर्रा बा यहाँ डाल, भाट, नोन
घर जोरल छिमेकि टे नै चिन्हठाँ
एक डोसरहे पुछे कौन ?

डाइ कहि–
‘भैया जहाँ गैलेसे फेन अपन गाउँ ना बिस्रैहो’
मने सहर महि अट्रा बलखिच्चे लपेटल कि
मै कहाँ हेरैलु कहाँ 
अपनहे अपनेहे खोज्टि बटु
मै बटुँ पो कहाँ ?
आज लावा बरसके इ बिहानमे
म एक बल्गर वाडा करटुँ—
महि डेहल छट इ सहर
मने जिन्गि भर यहाँ बैठ्ना नैहो रहर
गाउँक् मैया 
उ अमलिक् छैंह्या
नै बिस्रैम कबु
उ लह्रियक पहिया ।
लह्रियक लिक पैलाइ
अपन जानल बाट फैलाइ
हलि आइ
सहरमे हेराइल इ छावा ।

२०८३ वैशाख १
कीर्तिपुर–५, काठमाडौं


 

प्रकाशित:

१५५ दिन अगाडि

|

१ वैशाख २०८३

रेशम चौधरीको उम्मेदवारी विरुद्ध उजुरी किन ?
रेशम चौधरीको उम्मेदवारी विरुद्ध उजुरी किन ?

१४३६ दिन अगाडि

|

२५ असोज २०७९

डा. केआई सिंहको बिर्तावाल ‘गुलयारी’ : थारू उपर कहिल्यै नमेटिने ती घाउहरू
डा. केआई सिंहको बिर्तावाल ‘गुलयारी’ : थारू उपर कहिल्यै नमेटिने ती घाउहरू

१४७० दिन अगाडि

|

२१ भदौ २०७९

स्वतन्त्रहरु अनि नागरिक उन्मुक्ति पार्टीको उदयको दस्तक
स्वतन्त्रहरु अनि नागरिक उन्मुक्ति पार्टीको उदयको दस्तक

१४८० दिन अगाडि

|

१२ भदौ २०७९

‘रेशम रक्तबीज हो, एक रेशमको उमेदवारी खारेजले हजार रेशम जन्मिन्छन्ः’ हिमाञ्चल भट्टराई
‘रेशम रक्तबीज हो, एक रेशमको उमेदवारी खारेजले हजार रेशम जन्मिन्छन्ः’ हिमाञ्चल भट्टराई

१४३५ दिन अगाडि

|

२६ असोज २०७९

टीकापुर घटनाको मुद्दा फिर्ता नलिइए नागरिक उन्मुक्तिका सांसदले शपथ नलिने 
टीकापुर घटनाको मुद्दा फिर्ता नलिइए नागरिक उन्मुक्तिका सांसदले शपथ नलिने 

१३८४ दिन अगाडि

|

१५ मंसिर २०७९

रातीसम्म नाचगान गरेको भन्दै टीकापुर प्रहरीबाट जानकीका ३ जनालाई पक्राउ
रातीसम्म नाचगान गरेको भन्दै टीकापुर प्रहरीबाट जानकीका ३ जनालाई पक्राउ

१४४० दिन अगाडि

|

२० असोज २०७९

टीकापुर घटना राज्यसत्ताले चलाखीपूर्ण रूपमा घटाएको घटना होः मोहना अन्सारी
टीकापुर घटना राज्यसत्ताले चलाखीपूर्ण रूपमा घटाएको घटना होः मोहना अन्सारी

१३७३ दिन अगाडि

|

२७ मंसिर २०७९