मोती रत्न
का हाे यी लाल आयोग प्रतिवेदन ?
बटाई सँघारी- यी खुनसे रङ्गल बा,
टबे साइट,
यिही लाल प्रतिवेदन कठ।
नै ! गाेचाली।
बिलकुल अत्रे किल नै !
शान्तिपूर्ण आन्दोलनमे घुस पैठ
व ज्यादतीक सच बात हाे।
१८ महिनक बँच्चक चित्कार हाे,
निर्दाेषके बाेल हाे,
करिया चद्रीले छाेपल सच हाे,
सरकारी गाेलीक काला पाेल हाे,
गिरिशचन्द्र लालके यी बाेल हाे।
१४ महिना लागल,
७ सय ९ पेजके गद्दारीकके झाेल हाे।
शेरके बिरुद्धमे बाेलल यी सच बाेल हाे।
सचहे नुकाके झुठ सरकारके यी राेल हाे।
टबेमारे
आजसम गुपचुप बा,
अभिन अध्ययन हुइटी बा,
गृहके अध्ययन,
प्रधानमन्त्रीक कार्यालयक अध्ययन,
महि लागट
७ सय पेज अध्ययन कर्ना
७ बरस लाग गिल काहुँ ?
अभिन अध्ययन हुइटा,
अभिन ९ पेज बाँकी बा ?
असिक पह्रलेसे
काेई आज डा.के उपाधि पा डारठ काहुँ ?
कृपया स्पष्ट करदेउ,
काैन सरकार अट्रा अध्ययन करले बा,
टीकापुरबासी उहिह डा.के उपाधि डेहे सेकी?
सचहे उल्टाके झुठमे डा.उपाधि पवुइया ?
जुट्टक मालासे बधाई डेना चाहटै जनता !
ढुरमाटीम मिलैना इनाम डेना चाहटै जनता!
जैसिके
पुलिस व प्रशासनके संरक्षणमे
जान जानके,
कर्फू लग्वाके,
उ डा. उपाधि पवुइया सरकारकेमे
आगि लगैना चाहटै जनता !
टाेरफाेर कर्ना चाहटै जनता !
इज्जट लुट्ना चाहटै जनता !
बर्बर व निरङ्कुश सरकारके
छाटि चिरना चाहटै जनता !
सुरक्षा निकायके भुमिका बिषयमे
सिखैना चाहटै जनता !
घुसपैठ व ज्यादतिमे
मुकदर्शक हुइल,
सरकारक मुह बवैना चाहटै जनता !
टबेमार
नस्लबादीन सुनाे !
अवसरवादीन सुनाे !
२०७४ मंसिर २९ गते देउवा प्रधानमन्त्रीहे बुझाइल प्रतिवेदन,
२०७४ पुस १३ गते प्रधानमन्त्री कार्यालयमे बुझाइल प्रतिवेदन
काहे आजसम गोप्य बा ?
काहे की
यी लाल प्रतिवेदन
सरकारके बारेमे गम्भीर आरोप लगाइल बा,
१८ महिनक बँच्चहे पुलिसनके गोलि लागल कहट,
कर्फू लगाके
पुलिस व प्रशासनके संरक्षणमे
थारुनके घरम लागि लगाइल कहट,
चेलिनके इज्जट लुटगिल कहट,
अपराधिनहे नै पकरके
जान जानके
अपन जिम्मा नै निभाइल प्रशासन अधिकृतहे
कार्बाही करे कहट,
रेशम चाैधरी लगायट राजबन्दिन
घटना क्षेत्रमे नै रहल डेखाइट।
दाेषी सरकारहे डेखाइट ?
दाेषि पुलिस व प्रशासनहे डेखाइट ?
अट्रा बुझ्टी-बुझ्टी
बेबुझ सरकार ?
डेख्टी जा !
यी चुनावमे टाेर पट्टा काट डेब,
टुहि ढुरमाटिम मिला डेब,
काहे की
हमार बाेटसे टै कुर्सी पैले,
टाेर कुर्सी ढला डेब।
पावर वरा डेब।
चिम्टा कमन्डल लेले
भिखारी बना डेब।
काखरे की
टाेर खैना व डेखैना डाँट
सबजे चिहिन रख्लै,
लिम्बुवान से लेके
खम्बुवान,
थारुवान,
नेवा,
हाे ! आब टाेर खैरियट नै हाे ।
प्रकाशित:
१३८८ दिन अगाडि
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